GK: सौरमंडल के ग्रह (Part- 3)

                                              सौरमंडल के ग्रह


आंतरिक गृह हैं बुद्ध, शुक्र, प्रथ्वी, मंगल यह ग्रह कठोर पदार्थो के बने होते हैं /

बाह्य ग्रह  हैं वृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण यह गृह गैसीय पदार्थो के बने होते हैं /

बुद्ध गृह सौरमंडल का सबसे छोटा गृह हैं और यह सूर्य के सबसे नजदीक हैं/
               इस गृह पर नहीं तो वायु हैं और इस ग्रह पर वायुमंडल भी नहीं पाया जाता हैं/

💢  बुद्ध गृह का अपना चुम्बकीये क्षेत्र नहीं होता हैं/

💢  बुद्ध गृह पर एक मेरिनर- 10 भेजा गया था | 

💢  बुद्ध गृह पर सबसे अधिक तापंक पाया जाता हैं दिन बहुत गर्म और रात बहुत बर्फीली होती हैं |

💢  घूर्ण समय =  59 दिन     परिक्रमण समय = 88 दिन |

शुक्र गृह सौरमंडल का सबसे चमकीला तथा सबसे गर्म गृह हैं 

💢  शुक्र ग्रह आकार मे प्रथ्वी के सामान माना गया हैं जिसके कारण इसे प्रथ्वी की बहन कहा जाता हैं |

💢  शुक्र गृह को साम तथा सुबह का तारा भी कहा जाता है और शुक्र गृह का कोई भी उपगृह नहीं होता हैं |

💢  यह शुक्र गृह प्रथ्वी के विपरीत चक्कर लगता हैं और यह गृह ग्लोबल वार्मिंग कहा जाता हैं |

💢  शुक्र गृह पर 95% कार्बन ऑकसाइड होती हैं जो ग्लोबल वार्मिंग को बढाती है |

💢  शुक्र गृह पुर्व से पश्चिम की और चक्कर लगता हैं | 
💢  शुक्र गृह का गुणन समय 243 Days और परिक्रमण समय 224 Days
 
प्रथ्वी गृह सौरमंडल का एक गृह है जिसे विश्व कहां जाता हैं| और यह दुरी के आधार पर सूर्य से तीसरा गृह हैं |
 
💢  यह एक मात्र ऐसा गृह है जिस पर जीवन पाया जाता हैं | तथा 29% भाग भूमि से ढका हुआ हैं |
 
💢  प्रथ्वी पर पानी तीनो अवस्थाओ में होता है इसके दोनो धर्वो पर वर्फ की एक मोटी पर्द होती हैं |

💢  प्रथ्वी सौरमंडल का सबसे चटानो वाला भाग है जिसे चटानी पिण्ड भी कहा जाता हैं |
 
💢  प्रथ्वी सूर्य का 365 दिन में चक्कर लगाती है 24 घंटे मे प्रथ्वी खुद का एक चक्कर पुरा करती हैं |

💢  प्रथ्वी अपने अक्ष पर 23.5० अक्षीय झुकी रहती है प्रथ्वी 24 घंटे में एक चक्कर पुरा करती है जिससे कारण प्रथ्वी पर दिन और रात होते हैं चन्द्रमा प्रथ्वी का एक मात्र उपग्रह हैं |

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